Ad Clicks :Ad Views : Ad Clicks :Ad Views : Ad Clicks :Ad Views : Ad Clicks :Ad Views : Ad Clicks :Ad Views :

Thyroid Treatment in Hindi – थायराइड का आयुर्वेदिक उपचार

/
/
136 Views

Thyroid Treatment in Hindi आज इस लेख में थायराइड का आयुर्वेदिक उपचार के बारे में जानेंगे। मानव शरीर के गलें में स्थित एक ग्रंथि होता है, जिससे “थाइरोइड” / “Thyroid” कहा जाता है। यही थय्रोक्सिन हार्मोन को बनाने का काम करता है। इस रोग के प्रति लोगो में के अंदर जागरूकता न के बराबर होती है। जिसके वजह से थाइरोइड के रोगियों की संख्या बढ़ते जा रही है। भारत में हुए 1 अध्ययन के मुताबिक 10 में से 1 लोग इस रोग के शिकार है।

थायराइड का आयुर्वेदिक उपचार – यह ग्रंथि ठीक स्वरयंत्र के निचे होती है। जिसे बोलने के क्रम में अपने स्पर्श से महशुश कर सकते है। इस ग्रंथि का मुख्य काम हॉर्मोन्स का उत्पादन करना होता है। दिमाग में एक ग्रंथि होती है, जिसका नाम Pitutitary है। यह नियंत्रित करती है, थाइरोइड ग्रंथि को। Thyroid के कारण हड्डियों, हृदय, मांसपेशियों और कोलेस्ट्रोल इत्यादि पर प्रभाव पड़ सकता है।

Thyroid in Hindi थाइरोइड विकार के वजह से घोंघा जैसे बीमारी होना आम बात है। लेकिन Thyroid Disorder के कारण कैंसर जैसे गंभीर बीमारी भी हो सकती है। इसके अलावा हॉर्मोन्स उत्पादन में समस्या होने लगती है। इसमें 2 तरह की समस्या होती है। जैसे –

  1. Hypothyroidism (हाइपोथायरायडिज्म या अवटु-अल्पक्रियता)
  2. Hyperthyroidism (हाइपरथायरायडिज्म या अतिगलग्रंथिता)

जब जरुरत से कम हॉर्मोन्स का उत्पादन होता है, उसे ही Hypothyroidism या अवटु-अल्पक्रियता कहा जाता है।

अगर आवश्यकता से कम हॉर्मोन्स बनने लगे, तब उसे Hyperthyroidism या अतिगलग्रंथिता कहते है।

थायराइड का आयुर्वेदिक उपचार | Thyroid Treatment in Hindi

Thyroid in Hindi हॉर्मोन्स कम हो या ज्यादा इसका असर हमारे शरीर पर पड़ता है। शरीर में जब हार्मोन का उत्पादन ज्यादा हो। तब मेटाबोलिज्म रेट बहुत ही धीरे होने लगता है। जिससे ऊर्जा शरीर में कम बनती है। जिसकी वजह से थकान और सुस्ती बढ़ने लगती है। यही अगर हार्मोन का उत्पादन शरीर में कम हो। तब शरीर का मेटाबोलिज्म ज्यादा तीव्र होने लगता है। जिससे शरीर की ऊर्जा तुरंत समाप्त हो जाती है।

thyroid treament

पुरुषों की तुलना में देखा जाये, तो Hyperthyroidism या अतिगलग्रंथिता होने का खतरा महिलाओं में लगभग 5-10 गुणा ज्यादा होता है।

उम्मीद है की, आपको यह लेख उपयोगी लगा होगा। प्लीज इस लेख को अपने दोस्तों के साथ शेयर जरुर करे। निचे दिए गए बटन को दबाकर अपने ट्वीटर, फेसबुक और गूगल प्लस अकाउंट पर शेयर करे।

एक निवेदन – इस ब्लॉग में दिए गए सभी Health Tips in HindiBeauty tips in Hindi, Skin Care tips in Hindi, Ayurvedic Treatment, Gharelu Nuskhe, Home Remedies, Homeopathy इत्यादि लेख को, लोगो के अनुभव के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी रोग में इन उपायों को अजमाने से पहले चिकित्सक (Doctor) की सलाह जरुर लें। ऊपर बताये गए उपाय और नुस्खे को अपने विवेक के आधार पर इस्तेमाल करें। कोई असुविधा होने पर इस ब्लॉग www.hindiayurveda.com की कोई भी जिम्मेदारी नहीं होगी।

|धन्यवाद|

  • Facebook
  • Twitter
  • Google+
  • Linkedin
  • Pinterest

error: Content is protected !!